Bihar Land Record

Bihar Bhumi Record 2026: बिहार जमीन का रिकॉर्ड, जमाबंदी, खाता-खेसरा और दाखिल-खारिज ऑनलाइन देखें

August 9, 2026Riya1 min read
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बिहार में जमीन से संबंधित रिकॉर्ड को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। अब जमीन मालिकों और रैयतों को कई ऐसे कार्यों के लिए बार-बार अंचल कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिन्हें ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। Bihar Bhumi Record, जमाबंदी पंजी, खाता-खेसरा, दाखिल-खारिज, भूमि लगान, भूमि दखल-कब्जा प्रमाण पत्र यानी LPC और आवेदन की स्थिति जैसी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर बिहारभूमि के माध्यम से नागरिकों को कई ऑनलाइन सेवाएं दी जा रही हैं। आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन दाखिल-खारिज, जमाबंदी देखने, आवेदन की स्थिति जांचने और अन्य राजस्व सेवाओं की सुविधा उपलब्ध है।

वर्तमान समय में जमीन खरीदने या बेचने से पहले ऑनलाइन रिकॉर्ड की जांच करना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। केवल जमीन की रजिस्ट्री होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमाबंदी, खाता, खेसरा, रैयत का नाम, जमीन का रकबा और दाखिल-खारिज की स्थिति जैसे रिकॉर्ड की भी जांच करनी चाहिए।

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बिहार भूमि रिकॉर्ड क्या है?

बिहार भूमि रिकॉर्ड का मतलब किसी जमीन से संबंधित सरकारी अभिलेखों से है। इन अभिलेखों में जमीन के मालिक या रैयत का नाम, खाता संख्या, खेसरा या प्लॉट संख्या, जमीन का रकबा, जमाबंदी संख्या और अन्य राजस्व संबंधी जानकारी शामिल हो सकती है।

बिहार में पुराने समय में भूमि रिकॉर्ड कागजी रजिस्टरों में रखे जाते थे। डिजिटल व्यवस्था के विस्तार के बाद इन रिकॉर्डों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का काम किया गया है। बिहारभूमि पोर्टल पर जमाबंदी पंजी देखने की सुविधा उपलब्ध है।

सरकारी जमाबंदी FAQ के अनुसार, नागरिक जिला, अंचल और मौजा चुनकर रैयत के नाम, खाता संख्या, खेसरा संख्या, पुरानी जमाबंदी संख्या या कंप्यूटरीकृत जमाबंदी संख्या जैसे विकल्पों के माध्यम से रिकॉर्ड खोज सकते हैं।

Bihar Bhumi Record का आधिकारिक पोर्टल

बिहार में भूमि रिकॉर्ड देखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधिकारिक पोर्टल Bihar Bhumi है। बिहारभूमि का आधिकारिक पोर्टल खोलें इस पोर्टल का संचालन बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा किया जाता है। पोर्टल पर ऑनलाइन सेवाओं का विवरण उपलब्ध है।

इसके अलावा बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की मुख्य वेबसाइट पर भी ऑनलाइन म्यूटेशन, ऑनलाइन भू-लगान, ऑनलाइन जमाबंदी और परिमार्जन प्लस जैसी सेवाओं के लिंक उपलब्ध हैं।

बिहार में ऑनलाइन जमाबंदी कैसे देखें?

अगर आप अपनी जमीन की जमाबंदी देखना चाहते हैं तो बिहारभूमि पोर्टल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

जमाबंदी देखने के लिए सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. बिहारभूमि की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
  2. जमाबंदी पंजी देखें विकल्प पर जाएं।
  3. अपना जिला चुनें।
  4. संबंधित अंचल का चयन करें।
  5. मौजा का नाम चुनें।
  6. उपलब्ध खोज विकल्पों में से किसी एक को चुनें।
  7. रैयत का नाम, खाता संख्या, खेसरा संख्या या जमाबंदी संख्या जैसी जानकारी दर्ज करें।
  8. Search पर क्लिक करें।
  9. उपलब्ध रिकॉर्ड को देखें।
  10. जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड की प्रति प्रिंट या सेव करें।

सरकारी FAQ में भी जमाबंदी खोजने के लिए जिला, अंचल और मौजा चुनने तथा रैयत नाम, खाता संख्या, खेसरा संख्या, पुरानी जमाबंदी संख्या या कंप्यूटरीकृत जमाबंदी संख्या के आधार पर खोज करने की प्रक्रिया बताई गई है।

खाता नंबर और खेसरा नंबर क्या होता है?

बिहार भूमि रिकॉर्ड में खाता नंबर और खेसरा नंबर दोनों महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन दोनों का अर्थ अलग है। खाता संख्या किसी रैयत या भूमि खाते से संबंधित पहचान संख्या होती है। वहीं खेसरा या प्लॉट नंबर किसी विशेष भूमि के टुकड़े की पहचान करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

किसी जमीन का रिकॉर्ड खोजते समय इन दोनों में से किसी जानकारी की जरूरत पड़ सकती है। यदि आपके पास खाता नंबर नहीं है तो कई मामलों में रैयत के नाम या खेसरा नंबर से भी रिकॉर्ड खोजा जा सकता है। इसलिए जमीन खरीदने से पहले विक्रेता द्वारा दी गई जानकारी और सरकारी ऑनलाइन रिकॉर्ड में उपलब्ध जानकारी का मिलान करना जरूरी है।

बिहार में दाखिल-खारिज क्या है?

जमीन की खरीद, बिक्री, विरासत या अन्य वैध हस्तांतरण के बाद राजस्व रिकॉर्ड में नए रैयत का नाम दर्ज करने की प्रक्रिया को सामान्य रूप से दाखिल-खारिज या Mutation कहा जाता है। बिहार में ऑनलाइन दाखिल-खारिज के लिए बिहारभूमि पोर्टल पर सुविधा उपलब्ध है। सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन और आवेदन की स्थिति देखने की सुविधा दी गई है।

बिहारभूमि के आधिकारिक लॉगिन पेज पर महत्वपूर्ण निर्देश दिया गया है कि दाखिल-खारिज के लिए आवेदन करने से पहले आवेदक को विक्रेता या पूर्व जमाबंदी रैयत की जमाबंदी ऑनलाइन जांचनी चाहिए। यदि संबंधित जमीन का विवरण पूर्व रैयत की जमाबंदी में उपलब्ध नहीं है तो पहले परिमार्जन के माध्यम से जमाबंदी में सुधार कराने की सलाह दी गई है। इसके बाद दाखिल-खारिज के लिए आवेदन करने को कहा गया है।

यह निर्देश जमीन खरीदने वालों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

दाखिल-खारिज आवेदन की स्थिति कैसे देखें?

अगर आपने बिहार में ऑनलाइन दाखिल-खारिज के लिए आवेदन किया है तो उसकी स्थिति भी ऑनलाइन जांची जा सकती है। इसके लिए बिहारभूमि के आवेदन ट्रैकिंग पेज का इस्तेमाल किया जा सकता है।

दाखिल-खारिज/आवेदन की स्थिति जांचें आधिकारिक ट्रैकिंग पेज पर जिला, अंचल, आवेदन संख्या और वित्तीय वर्ष जैसी जानकारी के माध्यम से आवेदन की स्थिति देखने की व्यवस्था है। इससे आवेदक यह पता लगा सकता है कि उसका आवेदन किस स्थिति में है और आगे की प्रक्रिया के लिए क्या करना है।

परिमार्जन Plus क्या है?

बिहार के भूमि रिकॉर्ड में यदि किसी जमाबंदी में नाम, खाता, खेसरा, रकबा या अन्य विवरण से संबंधित त्रुटि है तो उसे सुधारने के लिए राजस्व विभाग द्वारा परिमार्जन व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की वेबसाइट पर Parimarjan Plus को ऑनलाइन भूमि सेवाओं में शामिल किया गया है।भूमि रिकॉर्ड में गलती दिखाई देने पर सीधे जमीन बेचने या दाखिल-खारिज कराने की कोशिश करने के बजाय पहले रिकॉर्ड की समस्या को समझना और आवश्यकता होने पर संबंधित सुधार प्रक्रिया अपनाना बेहतर होता है।

विशेष रूप से यदि विक्रेता की जमाबंदी में जमीन का विवरण ही उपलब्ध नहीं है तो दाखिल-खारिज से पहले रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार की जरूरत पड़ सकती है। बिहारभूमि पोर्टल ने भी इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किया है।

बिहार में LPC यानी Land Possession Certificate

LPC का पूरा नाम Land Possession Certificate यानी भूमि दखल-कब्जा प्रमाण पत्र है।

बिहार सरकार की ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से LPC के लिए आवेदन करने तथा उसकी स्थिति देखने की सुविधा उपलब्ध है। बिहार के RTPS पोर्टल पर Revenue and Land Reforms Department के अंतर्गत Land Possession Certificate के लिए आवेदन और Online LPC Status की सेवाएं सूचीबद्ध हैं।

LPC से संबंधित प्रक्रिया में संबंधित जमाबंदी का चयन करना पड़ सकता है। बिहारभूमि की संबंधित ऑनलाइन सेवा में जिला, अंचल, हल्का, मौजा तथा रैयत नाम, प्लॉट नंबर, खाता नंबर और जमाबंदी संख्या के आधार पर रिकॉर्ड खोजने के विकल्प दिखाई देते हैं।

Bihar Bhumi में ऑनलाइन लगान की सुविधा

बिहार में जमीन से संबंधित राजस्व भुगतान के लिए ऑनलाइन भू-लगान सेवा भी उपलब्ध है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की वेबसाइट पर Online Bhu-Lagan को प्रमुख ऑनलाइन सेवाओं में शामिल किया गया है।

ऑनलाइन व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि जमीन मालिक राजस्व संबंधी सेवाओं के लिए डिजिटल माध्यम का उपयोग कर सकें और कई प्रक्रियाओं में कार्यालय जाने की आवश्यकता कम हो।

बिहार में भूमि रिकॉर्ड का नया अपडेट: डिजिटल सेवाओं का विस्तार

वर्तमान समय में बिहार में भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी सेवाओं का बड़ा हिस्सा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है।

बिहारभूमि पोर्टल पर वर्तमान में ऑनलाइन जमाबंदी, दाखिल-खारिज, आवेदन ट्रैकिंग और अन्य सेवाएं उपलब्ध दिखाई देती हैं। राजस्व विभाग की मुख्य वेबसाइट पर भी Online Mutation, Online Bhu-Lagan, Online Jamabandi और Parimarjan Plus जैसी सेवाओं को प्रमुखता दी गई है।

इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि जमीन मालिक अपने रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी घर बैठे देख सकते हैं। हालांकि, ऑनलाइन रिकॉर्ड को अंतिम कानूनी निष्कर्ष मानने से पहले संबंधित दस्तावेजों और आवश्यकता पड़ने पर अंचल कार्यालय या सक्षम प्राधिकारी से सत्यापन करना जरूरी है।

बिहार में विशेष सर्वे और भूमि रिकॉर्ड

बिहार में भूमि सर्वे और बंदोबस्त की प्रक्रिया भी भूमि रिकॉर्ड व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

राजस्व विभाग की जानकारी के अनुसार विशेष सर्वे एवं बंदोबस्त के दौरान पुराने सर्वे खतियान, चकबंदी खतियान, जमाबंदी पंजी, अधिग्रहित भूमि, सरकारी भूमि, भूदान भूमि आदि से संबंधित अभिलेखों का उपयोग किया जाता है।

विशेष सर्वे का उद्देश्य भूमि अभिलेखों को अधिक व्यवस्थित और अद्यतन करना है। जमीन मालिकों के लिए यह जरूरी है कि वे अपनी जमीन से संबंधित पुराने दस्तावेज, खतियान, रसीद, रजिस्ट्री दस्तावेज और अन्य उपलब्ध प्रमाण सुरक्षित रखें। यदि सर्वे या रिकॉर्ड में किसी प्रकार की आपत्ति या गलती दिखाई देती है तो निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के अनुसार उसका समाधान कराने की कोशिश करनी चाहिए।

Bihar Right of Records देखने की सुविधा

बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की वेबसाइट पर View Right of Records के लिए भी ऑनलाइन मॉड्यूल उपलब्ध है।

भूमि रिकॉर्ड से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार का उद्देश्य नागरिकों को भूमि अभिलेखों तक आसान पहुंच प्रदान करना है। इस तरह बिहार में जमीन के रिकॉर्ड को केवल कागजी दस्तावेजों तक सीमित रखने के बजाय डिजिटल माध्यम से भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

जमीन खरीदने से पहले कौन-कौन से रिकॉर्ड चेक करें?

बिहार में जमीन खरीदते समय केवल रजिस्ट्री पेपर देखकर फैसला करना उचित नहीं है। खरीदारी से पहले निम्न जानकारी की जांच करना उपयोगी है:

  • विक्रेता का नाम
  • जमाबंदी
  • खाता संख्या
  • खेसरा/प्लॉट संख्या
  • जमीन का रकबा
  • जमाबंदी की स्थिति
  • दाखिल-खारिज की स्थिति
  • भूमि लगान की जानकारी
  • LPC, जहां आवश्यक हो
  • पुराना खतियान
  • वर्तमान भूमि रिकॉर्ड
  • जमीन का नक्शा
  • पूर्व में हुए लेन-देन की जानकारी
  • जमीन पर किसी विवाद या रोक की जानकारी
  • रजिस्ट्री दस्तावेज

इसके अलावा रजिस्ट्री से संबंधित रिकॉर्ड की जांच के लिए बिहार का Bhumi Jankari पोर्टल भी उपयोगी है। इस पोर्टल पर Land Transaction, Land MVR, Flat MVR, Web Copy और अन्य सेवाएं उपलब्ध हैं।

Bihar Bhumi और Bhumi Jankari में अंतर

दोनों पोर्टल जमीन से जुड़े हैं, लेकिन उनकी सेवाओं का उद्देश्य अलग-अलग हो सकता है। Bihar Bhumi मुख्य रूप से राजस्व एवं भूमि रिकॉर्ड से संबंधित सेवाओं जैसे जमाबंदी, दाखिल-खारिज, LPC और अन्य राजस्व सेवाओं के लिए उपयोग किया जाता है।

वहीं Bhumi Jankari पोर्टल पर जमीन के लेन-देन, MVR, रजिस्टर्ड डॉक्यूमेंट और Web Copy जैसी पंजीकरण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इसलिए जमीन खरीदने से पहले दोनों प्रकार के रिकॉर्ड की जांच करना अधिक उपयोगी हो सकता है।

2026 में रजिस्ट्री रिकॉर्ड से जुड़ा महत्वपूर्ण अपडेट

Bhumi Jankari के आधिकारिक Advance Search पेज पर एक महत्वपूर्ण सूचना दी गई है। पोर्टल के अनुसार वहां उपलब्ध registered documents का डेटा 15 दिसंबर 2024 तक उपलब्ध है। 16 दिसंबर 2024 के बाद पंजीकृत दस्तावेजों से संबंधित जानकारी के लिए eNibandhan के certified copy module का उपयोग करने की सूचना दी गई है।

इसका मतलब यह है कि अगर किसी व्यक्ति को नई रजिस्ट्री के प्रमाणित दस्तावेज की आवश्यकता है तो उसे पुराने Bhumi Jankari search पर निर्भर रहने के बजाय संबंधित आधिकारिक eNibandhan सुविधा भी देखनी चाहिए।

Revenue Court Management System भी ऑनलाइन

भूमि विवादों और राजस्व मामलों के प्रबंधन के लिए बिहार में Revenue Court Management System उपलब्ध है।

बिहारभूमि पोर्टल पर Revenue Court Management System के माध्यम से केस से संबंधित जानकारी खोजने की सुविधा उपलब्ध है। केस स्टेटस पेज पर जिला, कोर्ट, अधिनियम, प्रकृति और केस नंबर जैसे विकल्पों के माध्यम से जानकारी खोजी जा सकती है।

यह डिजिटल व्यवस्था भूमि संबंधी मामलों की स्थिति जानने में नागरिकों के लिए उपयोगी हो सकती है।

जमीन के रिकॉर्ड में नाम गलत है तो क्या करें?

अगर ऑनलाइन जमाबंदी में नाम गलत दिखाई दे रहा है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सबसे पहले यह देखना चाहिए कि गलती किस प्रकार की है। इसके बाद संबंधित सरकारी सुधार प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए। बिहार राजस्व विभाग द्वारा Parimarjan Plus जैसी सेवा उपलब्ध कराई गई है।

यदि मामला जटिल है, दस्तावेजों में अंतर है या जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद है तो संबंधित अंचल कार्यालय या सक्षम राजस्व प्राधिकारी से संपर्क करना उचित होगा।

क्या ऑनलाइन जमाबंदी ही जमीन का मालिकाना हक साबित करती है?

ऑनलाइन जमाबंदी जमीन से संबंधित महत्वपूर्ण राजस्व रिकॉर्ड है, लेकिन किसी संपत्ति के स्वामित्व का अंतिम निष्कर्ष केवल एक ऑनलाइन रिकॉर्ड देखकर निकालना उचित नहीं है।

जमीन खरीदने से पहले रजिस्ट्री दस्तावेज, पुराने दस्तावेज, जमाबंदी, खाता-खेसरा, नक्शा, कब्जा, लगान और अन्य संबंधित रिकॉर्ड की जांच करनी चाहिए। यदि जमीन पर विवाद, उत्तराधिकार समस्या या पुराने दस्तावेजों में विरोधाभास है तो विशेषज्ञ कानूनी सलाह लेना बेहतर होता है।

बिहार भूमि रिकॉर्ड ऑनलाइन देखने का सबसे आसान तरीका

अगर किसी व्यक्ति को केवल अपनी जमीन की जमाबंदी देखनी है तो वह बिहारभूमि की वेबसाइट पर जाकर:

जिला → अंचल → मौजा → खोज विकल्प → रैयत/खाता/खेसरा/जमाबंदी संख्या → Search

के माध्यम से रिकॉर्ड खोज सकता है। सरकारी FAQ में भी इसी प्रकार के खोज विकल्प उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बिहार में जमीन की जमाबंदी ऑनलाइन कैसे देखें?

बिहारभूमि की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जिला, अंचल और मौजा चुनें। इसके बाद रैयत नाम, खाता संख्या, खेसरा संख्या या जमाबंदी संख्या के आधार पर रिकॉर्ड खोजा जा सकता है।

क्या दाखिल-खारिज ऑनलाइन किया जा सकता है?

हां, बिहार सरकार के बिहारभूमि पोर्टल पर ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।

दाखिल-खारिज का स्टेटस कैसे देखें?

हां, बिहार सरकार के बिहारभूमि पोर्टल पर ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।

क्या जमीन की रजिस्ट्री और जमाबंदी एक ही चीज है?

नहीं। रजिस्ट्री संपत्ति के पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज है, जबकि जमाबंदी राजस्व रिकॉर्ड से संबंधित है। जमीन खरीदते समय दोनों से जुड़ी जानकारी की जांच करना उपयोगी है।

नई रजिस्ट्री का रिकॉर्ड कहां देखें?

Bhumi Jankari पर उपलब्ध सूचना के अनुसार 15 दिसंबर 2024 तक का registered document data वहां उपलब्ध है और 16 दिसंबर 2024 के बाद के दस्तावेजों के लिए eNibandhan के certified copy module की ओर निर्देशित किया गया है।

निष्कर्ष

बिहार में भूमि रिकॉर्ड व्यवस्था तेजी से डिजिटल होती जा रही है। Bihar Bhumi Record के माध्यम से नागरिक जमाबंदी, खाता, खेसरा, दाखिल-खारिज और अन्य राजस्व सेवाओं से संबंधित जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा RTPS के माध्यम से LPC, ऑनलाइन जमाबंदी, म्यूटेशन और लगान जैसी सेवाओं की सुविधा भी उपलब्ध है।

वर्तमान व्यवस्था में जमीन मालिकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे अपनी जमीन का रिकॉर्ड नियमित रूप से जांचते रहें। खासकर जमीन खरीदने से पहले विक्रेता की जमाबंदी, खाता-खेसरा, रकबा, रजिस्ट्री दस्तावेज और दाखिल-खारिज की स्थिति का मिलान करना चाहिए।

यदि जमाबंदी में कोई गलती है तो समय रहते संबंधित सुधार प्रक्रिया अपनानी चाहिए। इसी तरह जमीन के पुराने दस्तावेज और खतियान को भी सुरक्षित रखना जरूरी है।

बिहार सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही ऑनलाइन भूमि सेवाओं से आम नागरिकों को राजस्व कार्यालयों पर निर्भरता कम करने और भूमि रिकॉर्ड तक डिजिटल पहुंच बनाने में मदद मिल रही है। हालांकि किसी गंभीर स्वामित्व विवाद या कानूनी मामले में केवल ऑनलाइन रिकॉर्ड के आधार पर निर्णय लेने के बजाय संबंधित सरकारी कार्यालय और योग्य कानूनी विशेषज्ञ से सत्यापन कराना उचित है।

महत्वपूर्ण: बिहार भूमि रिकॉर्ड से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए हमेशा बिहार सरकार के आधिकारिक Bihar Bhumi, Revenue & Land Reforms, RTPS और Bhumi Jankari पोर्टल को प्राथमिक स्रोत मानें।

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