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MP Bhulekh 2026: 15 करोड़ भू-अभिलेख होंगे डिजिटल, जानें सभी ऑनलाइन सेवाएं

August 30, 2026Riya2 min read

मध्य प्रदेश में जमीन से जुड़े पुराने दस्तावेजों को सुरक्षित रखने और नागरिकों को भूमि रिकॉर्ड आसानी से उपलब्ध कराने के लिए बड़े स्तर पर डिजिटाइजेशन किया जा रहा है। राज्य में लगभग 15 करोड़ पुराने भू-अभिलेखों को डिजिटल स्वरूप में बदलने की योजना पर काम चल रहा है।

इस पहल का सबसे अधिक लाभ उन किसानों और जमीन मालिकों को मिलने की उम्मीद है, जिन्हें वर्षों पुराने खसरा, खतौनी, नक्शा या राजस्व रिकॉर्ड की प्रति प्राप्त करने के लिए तहसील और रिकॉर्ड रूम के चक्कर लगाने पड़ते थे।

दूसरी ओर, वर्तमान MP Bhulekh Portal पर नागरिक पहले से खसरा, बी-1 खतौनी, भू-नक्शा, अधिकार अभिलेख और राजस्व न्यायालय के आदेश जैसी कई सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। प्रमाणित प्रतिलिपि भी ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती है।

आइए MP Bhulekh के नए अपडेट, उपलब्ध सेवाओं और जमीन का रिकॉर्ड देखने की प्रक्रिया को विस्तार से समझते हैं।

MP Bhulekh का सबसे नया अपडेट क्या है?

मध्य प्रदेश सरकार डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम यानी DILRMP के अंतर्गत लगभग 15 करोड़ पुराने राजस्व अभिलेखों को डिजिटल बनाने की दिशा में काम कर रही है।

योजना के पहले चरण में जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के 12 जिलों में लगभग 2.70 करोड़ दस्तावेजों की स्कैनिंग पूरी होने की जानकारी दी गई है। स्कैनिंग के बाद दस्तावेजों की डेटा एंट्री, जांच और सत्यापन किया जाना है।

अगले चरण में भोपाल और सागर संभाग के 11 जिलों में जुलाई 2026 से डिजिटाइजेशन शुरू करने की घोषणा की गई थी।

इस परियोजना में पुराने दस्तावेजों को केवल स्कैन करके अपलोड नहीं किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार:

  • जिला स्तर पर स्कैनिंग केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
  • दस्तावेजों का मेटाडेटा तैयार किया जाएगा।
  • डबल-ब्लाइंड डेटा एंट्री प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
  • संबंधित क्षेत्र के पटवारी द्वारा रिकॉर्ड की ऑनलाइन जांच की जाएगी।
  • अंतिम सत्यापन के बाद रिकॉर्ड MP Bhulekh Portal पर उपलब्ध कराया जाएगा।

इससे दशकों पुराने राजस्व दस्तावेजों को सुरक्षित रखने और नागरिकों को उनकी प्रतिलिपि ऑनलाइन उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

क्या सभी 15 करोड़ रिकॉर्ड अभी ऑनलाइन आ गए हैं?

नहीं। लगभग 15 करोड़ पुराने अभिलेखों का डिजिटाइजेशन एक बड़ी और चरणबद्ध परियोजना है। इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी दस्तावेज अभी एक साथ MP Bhulekh Portal पर उपलब्ध हो चुके हैं।

पहले दस्तावेज स्कैन किए जाते हैं। इसके बाद डेटा एंट्री, गुणवत्ता परीक्षण और राजस्व कर्मचारियों द्वारा सत्यापन किया जाता है। अंतिम रूप से सत्यापित दस्तावेज ही पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाते हैं।

यदि किसी विशेष वर्ष का पुराना रिकॉर्ड अभी ऑनलाइन नहीं मिलता है, तो संबंधित तहसील के रिकॉर्ड रूम से उसकी जानकारी लेनी पड़ सकती है। डिजिटाइजेशन पूरा होने के साथ अधिक पुराने रिकॉर्ड ऑनलाइन मिलने की संभावना बढ़ेगी।

MP Bhulekh क्या है?

MP Bhulekh मध्य प्रदेश सरकार का अधिकृत डिजिटल भूमि अभिलेख पोर्टल है। इसका उपयोग जमीन के लिखित रिकॉर्ड और नक्शे को देखने तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

मध्य प्रदेश सरकार के जिला प्रशासन पोर्टल पर mpbhulekh.gov.in को भूमि के लिखित और नक्शा रिकॉर्ड के संधारण के लिए राज्य का अधिकृत पोर्टल बताया गया है।

MP Bhulekh की सहायता से कोई व्यक्ति अपनी जमीन से संबंधित निम्न जानकारी प्राप्त कर सकता है:

  • खसरा विवरण
  • बी-1 खतौनी
  • भू-स्वामी का नाम
  • सर्वे या खसरा संख्या
  • जमीन का कुल रकबा
  • भूमि का प्रकार
  • अधिकार अभिलेख
  • भूमि का डिजिटल नक्शा
  • पुराना स्कैन किया गया राजस्व रिकॉर्ड
  • राजस्व न्यायालय के आदेश
  • भूमि पर दर्ज बंधक या अन्य बाधा का विवरण

MP Bhulekh की आधिकारिक वेबसाइट

MP Bhulekh का अधिकृत वेब पोर्टल है:

https://webgis2.mpbhulekh.gov.in

पुराना आधिकारिक पता mpbhulekh.gov.in भी सरकारी वेबसाइटों पर दिया गया है। यह उपयोगकर्ता को वर्तमान WebGIS आधारित व्यवस्था तक पहुंचा सकता है।

नागरिकों को ऐसे निजी पोर्टलों से सावधान रहना चाहिए, जिनके नाम MP Bhulekh जैसे दिखाई देते हैं। जमीन का रिकॉर्ड देखने या भुगतान करने से पहले वेबसाइट के पते में .gov.in अवश्य जांचें।

MP Bhulekh पर उपलब्ध प्रमुख सेवाएं

MP Bhulekh अब केवल खसरा और खतौनी देखने तक सीमित नहीं है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार पोर्टल पर भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध हैं।

सेवाइसका उपयोग
भूमि रिकॉर्ड खोजनाखसरा, सर्वे नंबर, गांव या भू-स्वामी के नाम से जानकारी खोजने के लिए
खसरा की प्रतिलिपिजमीन के किसी विशेष सर्वे या खसरा नंबर का विवरण देखने के लिए
बी-1 खतौनीखातेदार और उसके खाते में दर्ज जमीन की जानकारी के लिए
भू-नक्शाप्लॉट की स्थिति और आसपास के सर्वे नंबर देखने के लिए
अधिकार अभिलेखभूमि पर दर्ज अधिकारों का रिकॉर्ड प्राप्त करने के लिए
प्रमाणित प्रतिलिपिआधिकारिक कार्य के लिए डिजिटल रूप से प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के लिए
पुराने स्कैन रिकॉर्डतहसील रिकॉर्ड रूम में जमा पुराने दस्तावेजों की प्रति के लिए
राजस्व न्यायालय आदेशराजस्व प्रकरण के आदेश या अंतरिम आदेश की प्रति के लिए
भू-राजस्व भुगतानजमीन का बकाया या निर्धारित भू-राजस्व जमा करने के लिए
भूमि डायवर्जनकृषि भूमि का उपयोग बदलने संबंधी आवेदन के लिए
सिविल कोर्ट प्रकरणजमीन से संबंधित दर्ज न्यायालयीन मामले की जानकारी के लिए
बंधक विवरणबैंक ऋण या जमीन पर दर्ज बंधक की जानकारी के लिए
बैंक मॉर्गेज अपडेटबैंक द्वारा बंधक या Hypothecation संबंधी रिकॉर्ड अपडेट कराने के लिए

इन सेवाओं की आधिकारिक सूची में भूमि रिकॉर्ड खोजना, खसरा-खतौनी-नक्शे की प्रमाणित प्रति, रिकॉर्ड रूम के स्कैन दस्तावेज, राजस्व न्यायालय आदेश, भू-राजस्व भुगतान, डायवर्जन आवेदन और मॉर्गेज अपडेट जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

MP Bhulekh पर खसरा क्या होता है?

खसरा किसी विशेष जमीन या खेत की पहचान से जुड़ा रिकॉर्ड होता है। इसमें जमीन के सर्वे नंबर, क्षेत्रफल, उपयोग, फसल और खातेदार से संबंधित जानकारी दर्ज हो सकती है।

एक खातेदार के पास अलग-अलग खसरा नंबर वाली कई जमीनें हो सकती हैं। इसलिए खसरा नंबर किसी खाते के बजाय जमीन के एक विशेष हिस्से की पहचान करने में महत्वपूर्ण होता है।

जमीन खरीदते समय केवल मालिक का नाम देखने के बजाय खसरा नंबर और रकबे का भी मिलान करना चाहिए।

बी-1 खतौनी क्या है?

मध्य प्रदेश में खतौनी को सामान्यतः बी-1 के नाम से भी जाना जाता है। इसमें किसी खाते से संबंधित भूमि और खातेदारों का विवरण दिया जाता है।

बी-1 खतौनी में सामान्य रूप से निम्न जानकारी मिल सकती है:

  • खातेदार का नाम
  • खाता संख्या
  • खाते में शामिल खसरा नंबर
  • जमीन का कुल क्षेत्रफल
  • खातेदार का हिस्सा
  • भूमि से संबंधित अन्य राजस्व प्रविष्टियां

संयुक्त परिवार या साझा जमीन के मामले में एक बी-1 में एक से अधिक खातेदारों के नाम दर्ज हो सकते हैं।

MP Bhu Naksha क्या है?

MP Bhu Naksha जमीन का डिजिटल मानचित्र है। इससे किसी गांव के सर्वे या खसरा नंबर की भौगोलिक स्थिति समझने में सहायता मिलती है।

भू-नक्शे में आसपास के प्लॉट नंबर भी दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, ऑनलाइन नक्शे को जमीन की वास्तविक सीमा का अंतिम प्रमाण नहीं मानना चाहिए।

यदि दो पक्षों के बीच जमीन की सीमा को लेकर विवाद है, तो संबंधित राजस्व अधिकारी से आधिकारिक सीमांकन या मापी करानी पड़ सकती है।

MP Bhulekh पर निःशुल्क और प्रमाणित प्रति में अंतर

MP Bhulekh पर दिखाई देने वाला सामान्य भूमि रिकॉर्ड जानकारी के लिए उपयोगी होता है। इसे अक्सर साधारण या अप्रतिहस्ताक्षरित प्रति के रूप में देखा जाता है।

साधारण प्रति

  • जमीन की प्राथमिक जानकारी देखने के लिए उपयोगी
  • आमतौर पर रिकॉर्ड मिलान के लिए प्रयोग
  • इसमें डिजिटल प्रमाणन नहीं हो सकता
  • हर आधिकारिक प्रक्रिया में स्वीकार होना जरूरी नहीं

प्रमाणित प्रति

  • निर्धारित शुल्क के बाद जारी की जाती है
  • डिजिटल हस्ताक्षर या आधिकारिक प्रमाणीकरण हो सकता है
  • बैंक, न्यायालय और सरकारी प्रक्रिया में अधिक उपयोगी
  • डाउनलोड किए गए दस्तावेज की सत्यता जांचने की सुविधा मिल सकती है

सरकारी भूमि रिकॉर्ड समीक्षा दस्तावेज के अनुसार मध्य प्रदेश में खसरा, खतौनी, नक्शा, ऋण पुस्तिका, अधिकार अभिलेख, Encumbrance Certificate, राजस्व न्यायालय आदेश और पुराने डिजिटल रिकॉर्ड की हस्ताक्षरित प्रतियां ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाती हैं।

किसी बैंक, न्यायालय या सरकारी योजना में दस्तावेज जमा करने से पहले संबंधित संस्था से यह अवश्य पूछें कि साधारण प्रति मान्य होगी या डिजिटल रूप से प्रमाणित प्रति की आवश्यकता है।

MP Bhulekh पर जमीन का रिकॉर्ड कैसे देखें?

पोर्टल के मेनू और विकल्प समय-समय पर बदल सकते हैं, लेकिन सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार रहती है:

  1. आधिकारिक MP Bhulekh WebGIS Portal खोलें।
  2. सार्वजनिक उपयोगकर्ता या भूमि रिकॉर्ड खोजने वाला विकल्प चुनें।
  3. जिला चुनें।
  4. तहसील का चयन करें।
  5. संबंधित गांव या पटवारी हल्का चुनें।
  6. जमीन खोजने का माध्यम चुनें।
  7. खसरा नंबर, सर्वे नंबर या भू-स्वामी का नाम दर्ज करें।
  8. स्क्रीन पर दिखाई गई सूची में सही जमीन चुनें।
  9. खसरा, बी-1 या नक्शे का विवरण देखें।
  10. आवश्यकता के अनुसार साधारण या प्रमाणित प्रति का विकल्प चुनें।

जमीन खोजते समय जिला, तहसील और गांव का सही चयन करना बहुत जरूरी है। एक ही नाम वाले कई गांव हो सकते हैं।

भू-स्वामी के नाम से जमीन कैसे खोजें?

यदि खसरा या सर्वे नंबर पता नहीं है तो कुछ रिकॉर्ड भू-स्वामी के नाम से खोजे जा सकते हैं।

इसके लिए:

  1. MP Bhulekh Portal पर भूमि रिकॉर्ड खोज विकल्प खोलें।
  2. जिला, तहसील और गांव चुनें।
  3. खोज का प्रकार “भू-स्वामी” या मालिक के नाम से संबंधित विकल्प चुनें।
  4. नाम का पहला हिस्सा दर्ज करें।
  5. उपलब्ध नामों की सूची देखें।
  6. पिता या पति का नाम और जमीन का क्षेत्रफल मिलाकर सही रिकॉर्ड चुनें।

पुराने रिकॉर्ड में नाम की वर्तनी अलग हो सकती है। उदाहरण के लिए “राम प्रसाद” का नाम “रामप्रसाद” भी दर्ज हो सकता है। ऐसी स्थिति में नाम के अलग-अलग रूपों से खोज करें।

खसरा नंबर से जमीन कैसे खोजें?

खसरा नंबर से खोज सामान्यतः अधिक सटीक होती है।

  • पहले जिला, तहसील और गांव चुनें।
  • खसरा या सर्वे नंबर वाला विकल्प खोलें।
  • पूरा नंबर सही प्रारूप में दर्ज करें।
  • बटांकन होने पर 123/1, 123/2 जैसे सभी संबंधित नंबर जांचें।
  • रिकॉर्ड में खातेदार, रकबा और भूमि प्रकार का मिलान करें।

यदि पुराना खसरा नंबर बदल चुका है तो नया बटांक या वर्तमान सर्वे नंबर जानने के लिए पटवारी अथवा तहसील कार्यालय से संपर्क करना पड़ सकता है।

प्रमाणित खसरा-खतौनी कैसे प्राप्त करें?

प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के लिए नागरिक को पोर्टल पर पंजीकरण या लॉगिन करना पड़ सकता है।

सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार हो सकती है:

  1. Citizen Registration या Public User Registration पूरा करें।
  2. मोबाइल नंबर और मांगी गई पहचान संबंधी जानकारी दर्ज करें।
  3. OTP के माध्यम से मोबाइल सत्यापित करें।
  4. प्रमाणित भूमि रिकॉर्ड सेवा चुनें।
  5. जिला, तहसील, गांव और खसरा नंबर दर्ज करें।
  6. आवश्यक दस्तावेज चुनें।
  7. पोर्टल पर दिखाया गया शुल्क ऑनलाइन जमा करें।
  8. भुगतान के बाद डिजिटल रूप से प्रमाणित प्रति डाउनलोड करें।

शुल्क दस्तावेज, पृष्ठ संख्या और सेवा माध्यम के अनुसार अलग हो सकता है। भुगतान से पहले स्क्रीन पर दिखाई गई राशि की जांच करें।

CM Jan Seva 181 से खसरा-खतौनी कैसे प्राप्त करें?

जिन नागरिकों को वेबसाइट का उपयोग करने में परेशानी होती है, वे मध्य प्रदेश की CM Jan Seva 181 सेवा का उपयोग कर सकते हैं।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार CM Jan Seva के माध्यम से:

  • चालू खसरा की साधारण प्रति प्राप्त की जा सकती है।
  • बी-1 खतौनी की साधारण प्रति प्राप्त की जा सकती है।
  • खसरा, खतौनी और नक्शे की प्रमाणित प्रति मांगी जा सकती है।
  • साधारण प्रति का लिंक SMS के माध्यम से मोबाइल पर मिल सकता है।
  • प्रमाणित प्रति के लिए प्रति पृष्ठ ₹10 का शुल्क बताया गया है।
  • सेवा के लिए नागरिक की समग्र सदस्य आईडी का आधार से e-KYC होना आवश्यक हो सकता है।

शुल्क या प्रक्रिया में बदलाव हो सकता है, इसलिए आवेदन करते समय 181 पर वर्तमान जानकारी जरूर जांचें।

पुराने स्कैन रिकॉर्ड की प्रति कैसे प्राप्त करें?

नए खसरा और बी-1 के साथ-साथ पुराने राजस्व दस्तावेज भी जमीन के स्वामित्व का इतिहास समझने में महत्वपूर्ण होते हैं।

MP Bhulekh से संबंधित सेवाओं में तहसील स्तर के रिकॉर्ड रूम में जमा पुराने भूमि रिकॉर्ड, राजस्व प्रकरण, नक्शे और दूसरे दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने की सुविधा शामिल है।

पुराने रिकॉर्ड की खोज के लिए निम्न जानकारी तैयार रखें:

  • वर्तमान जिला और तहसील
  • गांव या मौजा
  • पुराने रिकॉर्ड का वर्ष
  • खसरा या सर्वे नंबर
  • खातेदार का नाम
  • प्रकरण या दस्तावेज क्रमांक
  • रिकॉर्ड रूम से संबंधित अन्य जानकारी

डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने पर आवेदन को रिकॉर्ड रूम में खोज के लिए भेजा जा सकता है।

राजस्व न्यायालय के आदेश की प्रति

MP Bhulekh और संबंधित ऑनलाइन राजस्व सेवाओं के माध्यम से राजस्व न्यायालय में चल रहे प्रकरण के आदेश, अंतरिम आदेश या दूसरे दस्तावेजों की प्रति प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध है।

राष्ट्रीय सरकारी सेवा पोर्टल भी मध्य प्रदेश में तहसील स्तर के रिकॉर्ड रूम से राजस्व न्यायालय के आदेश और प्रचलित प्रकरणों के दस्तावेजों की ऑनलाइन प्रति उपलब्ध कराने वाली सेवा सूचीबद्ध करता है।

इसके लिए प्रकरण क्रमांक, न्यायालय, वर्ष और पक्षकार का नाम उपयोगी हो सकता है।

भूमि उपयोग परिवर्तन या डायवर्जन सेवा

जब कृषि भूमि का उपयोग आवासीय, व्यावसायिक या दूसरे गैर-कृषि उद्देश्य के लिए किया जाना हो तो भूमि डायवर्जन की आवश्यकता पड़ सकती है।

MP Bhulekh की सेवाओं में भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए आवेदन की सुविधा शामिल बताई गई है। आवेदन में पहचान प्रमाण, जमीन पर स्वामित्व या कब्जे का रिकॉर्ड और माप सहित साइट प्लान जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।

आधिकारिक सेवा विवरण में Land Diversion Certificate के आवेदन के लिए पहचान प्रमाण, साइट प्लान और स्वामित्व, कब्जा या Record of Rights संबंधी दस्तावेजों का उल्लेख किया गया है।

केवल आवेदन जमा होने से जमीन का उपयोग अपने आप नहीं बदलता। सक्षम राजस्व अधिकारी की स्वीकृति आवश्यक होती है।

भूमि पर बंधक और बैंक ऋण की जानकारी

यदि किसी जमीन के बदले बैंक से ऋण लिया गया है तो भूमि रिकॉर्ड में बंधक की प्रविष्टि हो सकती है।

MP Bhulekh व्यवस्था में:

  • भूमि पर दर्ज बंधक या Encumbrance की जानकारी देखी जा सकती है।
  • बैंक मॉर्गेज दर्ज करने या रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • ऋण चुकाने के बाद बंधक हटाने की प्रक्रिया की आवश्यकता हो सकती है।

जमीन खरीदने से पहले यह जांचना जरूरी है कि संपत्ति किसी बैंक में बंधक तो नहीं है। केवल विक्रेता के मौखिक आश्वासन पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

आधिकारिक MP Bhulekh मोबाइल ऐप

मध्य प्रदेश सरकार ने MP Bhulekh का आधिकारिक मोबाइल ऐप भी उपलब्ध कराया है। Google Play पर इसका प्रकाशक MPSeDC, Department of Science and Technology, Government of MP दिया गया है।

ऐप में खसरा, खतौनी, अधिकार अभिलेख, रिकॉर्ड रूम की प्रति, RCMS आदेश, प्रमाणित प्रतिलिपि और डिजिटल नक्शे जैसी सुविधाएं दी गई हैं। रिकॉर्ड को गांव, भू-स्वामी के नाम, सर्वे नंबर या प्लॉट नंबर से खोजा जा सकता है।

Google Play की वर्तमान जानकारी के अनुसार ऐप को 17 जुलाई 2026 को अपडेट किया गया था और इसके पांच लाख से अधिक डाउनलोड दर्ज थे।

नकली ऐप से बचने के लिए इंस्टॉल करने से पहले प्रकाशक और Government श्रेणी की जांच करें।

पोर्टल इस्तेमाल करते समय Back या Refresh बटन से बचें

वर्तमान MP Bhulekh WebGIS Portal पर सुरक्षा सूचना दी गई है कि ब्राउज़र का Back, Forward या Refresh विकल्प इस्तेमाल करने पर सेशन समाप्त हो सकता है। लंबे समय तक पोर्टल निष्क्रिय रहने पर भी उपयोगकर्ता का सेशन अपने आप बंद हो सकता है।

इसलिए आवेदन या भुगतान करते समय:

  • पोर्टल के अंदर दिए गए बटन का उपयोग करें।
  • ब्राउज़र का Back बटन न दबाएं।
  • अनावश्यक रूप से पेज Refresh न करें।
  • भुगतान से पहले इंटरनेट कनेक्शन जांचें।
  • भुगतान की रसीद या Transaction ID सुरक्षित रखें।

MP Bhulekh में रिकॉर्ड नहीं मिलने पर क्या करें?

रिकॉर्ड नहीं मिलने के कई कारण हो सकते हैं:

  • गलत जिला या तहसील चुनी गई हो।
  • गांव का नाम गलत हो।
  • खसरा नंबर का बटांकन हो चुका हो।
  • रिकॉर्ड पुराने वर्ष का हो।
  • जमीन का नामांतरण हाल ही में हुआ हो।
  • डेटा अभी सत्यापित या डिजिटाइज नहीं हुआ हो।
  • पोर्टल पर अस्थायी तकनीकी समस्या हो।

सबसे पहले गांव, खसरा नंबर और भू-स्वामी के नाम की दोबारा जांच करें। फिर भी रिकॉर्ड न मिले तो पटवारी, तहसील कार्यालय या संबंधित भू-अभिलेख अधिकारी से संपर्क करें।

रिकॉर्ड में नाम या रकबा गलत हो तो क्या करें?

ऑनलाइन रिकॉर्ड में गलती दिखाई देने पर केवल स्क्रीनशॉट लेकर छोड़ देना सही नहीं है। रिकॉर्ड सुधार के लिए सक्षम राजस्व अधिकारी को आवेदन देना पड़ सकता है।

मध्य प्रदेश भू-राजस्व नियमों के अंतर्गत अभिलेख में त्रुटि सुधार की प्रक्रिया निर्धारित है। निजी जमीन का रिकॉर्ड सरकारी दिखाई देने, सर्वे नंबर बदलने, नाम गलत होने या दूसरी विसंगति की स्थिति में तहसीलदार के समक्ष आवेदन और राजस्व प्रक्रिया की आवश्यकता हो सकती है।

आवेदन के साथ परिस्थितिनुसार ये दस्तावेज उपयोगी हो सकते हैं:

  • रजिस्ट्री की प्रति
  • पुराना खसरा और बी-1
  • नामांतरण आदेश
  • लगान या भू-राजस्व रसीद
  • पहचान प्रमाण
  • उत्तराधिकार दस्तावेज
  • न्यायालय का आदेश
  • पुराना नक्शा या सीमांकन रिपोर्ट

जमीन खरीदने से पहले MP Bhulekh पर क्या जांचें?

MP Bhulekh जमीन की प्राथमिक जांच में बहुत उपयोगी है, लेकिन केवल ऑनलाइन रिकॉर्ड देखकर जमीन नहीं खरीदनी चाहिए।

खरीदारी से पहले निम्न बिंदुओं का मिलान करें:

  1. विक्रेता का नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है या नहीं।
  2. खसरा नंबर और रजिस्ट्री का नंबर समान है या नहीं।
  3. जमीन का रकबा कितना है।
  4. जमीन में अन्य सह-खातेदार तो नहीं हैं।
  5. नामांतरण पूरा हुआ है या लंबित है।
  6. जमीन बैंक में बंधक तो नहीं है।
  7. संपत्ति पर सिविल या राजस्व मामला तो नहीं चल रहा है।
  8. भूमि कृषि है या डायवर्टेड।
  9. नक्शे और वास्तविक कब्जे में अंतर तो नहीं है।
  10. रास्ता और पहुंच स्पष्ट रूप से उपलब्ध है या नहीं।
  11. जमीन शासकीय, वन भूमि या प्रतिबंधित श्रेणी में तो नहीं है।
  12. विक्रेता के पुराने स्वामित्व दस्तावेज सही हैं या नहीं।

बड़ी रकम का भुगतान करने से पहले प्रमाणित रिकॉर्ड, रजिस्ट्री और Encumbrance संबंधी जानकारी की जांच किसी योग्य कानूनी विशेषज्ञ से कराना सुरक्षित रहता है।

MP Bhulekh के प्रमुख लाभ

घर बैठे रिकॉर्ड

किसान और जमीन मालिक मोबाइल या कंप्यूटर से खसरा, खतौनी और नक्शा देख सकते हैं।

पारदर्शिता

भू-स्वामी, रकबा और खसरा नंबर जैसी जानकारी उपलब्ध होने से रिकॉर्ड की प्राथमिक जांच आसान होती है।

पुराने दस्तावेज सुरक्षित होंगे

15 करोड़ पुराने अभिलेखों के डिजिटाइजेशन से कागजी दस्तावेज खराब होने या खोने का जोखिम कम किया जा सकेगा।

प्रमाणित प्रति की सुविधा

नागरिक निर्धारित शुल्क के बाद डिजिटल रूप से प्रमाणित रिकॉर्ड प्राप्त कर सकते हैं।

जमीन के विवाद कम करने में सहायता

सही रिकॉर्ड, नक्शा और पुरानी प्रविष्टियां उपलब्ध होने से भूमि विवादों को समझने और हल करने में सहायता मिल सकती है।

महत्वपूर्ण सावधानियां

  • केवल .gov.in वेबसाइट का उपयोग करें।
  • OTP, पासवर्ड और बैंक विवरण किसी व्यक्ति से साझा न करें।
  • भुगतान से पहले वेबसाइट का पता जांचें।
  • साधारण प्रति और प्रमाणित प्रति का अंतर समझें।
  • भू-नक्शे को वास्तविक सीमांकन का विकल्प न मानें।
  • ऑनलाइन रिकॉर्ड में नाम होना अकेले स्वामित्व का अंतिम प्रमाण नहीं होता।
  • जमीन खरीदने से पहले रजिस्ट्री और पुराने दस्तावेजों की जांच करें।
  • रिकॉर्ड में गलती होने पर तहसील में आधिकारिक सुधार आवेदन दें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

MP Bhulekh की आधिकारिक वेबसाइट कौन-सी है?

MP Bhulekh का वर्तमान आधिकारिक पोर्टल https://webgis2.mpbhulekh.gov.in/ है। वेबसाइट खोलते समय .gov.in डोमेन जरूर जांचें।

क्या MP Bhulekh पर खसरा निःशुल्क देखा जा सकता है?

सामान्य या साधारण भूमि रिकॉर्ड देखने की सुविधा निःशुल्क हो सकती है। प्रमाणित प्रति के लिए निर्धारित शुल्क देना पड़ सकता है।

प्रमाणित खसरा-खतौनी का शुल्क कितना है?

CM Jan Seva 181 की आधिकारिक जानकारी में प्रमाणित खसरा, खतौनी और नक्शे के लिए ₹10 प्रति पृष्ठ शुल्क बताया गया है। पोर्टल या अन्य सेवा केंद्र का वर्तमान शुल्क आवेदन के समय जांचें।

क्या भू-स्वामी के नाम से जमीन खोज सकते हैं?

हां, उपलब्ध रिकॉर्ड को गांव और भू-स्वामी के नाम से खोजने की सुविधा आधिकारिक मोबाइल ऐप में बताई गई है।

क्या MP Bhulekh से पुराना रिकॉर्ड मिल सकता है?

स्कैन और सत्यापित किए जा चुके पुराने रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध हो सकते हैं। जो रिकॉर्ड अभी डिजिटल नहीं हुआ है, उसकी प्रति तहसील रिकॉर्ड रूम से प्राप्त करनी पड़ सकती है।

क्या ऑनलाइन नक्शा जमीन की सीमा का अंतिम प्रमाण है?

नहीं। ऑनलाइन नक्शा जानकारी के लिए उपयोगी है। वास्तविक सीमा विवाद में राजस्व विभाग द्वारा आधिकारिक सीमांकन आवश्यक हो सकता है।

जमीन का रिकॉर्ड गलत हो तो ऑनलाइन सुधार हो जाएगा?

कुछ आवेदन ऑनलाइन शुरू किए जा सकते हैं, लेकिन रिकॉर्ड सुधार के लिए तहसीलदार या सक्षम राजस्व न्यायालय की प्रक्रिया और आदेश की आवश्यकता पड़ सकती है।

क्या MP Bhulekh का मोबाइल ऐप आधिकारिक है?

हां। आधिकारिक ऐप का प्रकाशक MPSeDC, Department of Science and Technology, Government of MP है। नकली ऐप से बचने के लिए प्रकाशक का नाम जांचें।

निष्कर्ष

MP Bhulekh मध्य प्रदेश के किसानों, जमीन मालिकों, खरीदारों और बैंकों के लिए महत्वपूर्ण डिजिटल सुविधा बन चुका है। खसरा, बी-1 खतौनी, भू-नक्शा, अधिकार अभिलेख, प्रमाणित प्रति, राजस्व न्यायालय आदेश, पुराने स्कैन रिकॉर्ड और भू-राजस्व भुगतान जैसी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होने से नागरिकों का समय बचता है।

वर्ष 2026 का सबसे महत्वपूर्ण अपडेट लगभग 15 करोड़ पुराने भू-अभिलेखों के डिजिटाइजेशन से जुड़ा है। जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के 12 जिलों में लगभग 2.70 करोड़ दस्तावेजों की स्कैनिंग पूरी होने के बाद भोपाल तथा सागर संभाग के 11 जिलों को अगले चरण में शामिल किया गया है।

हालांकि, जमीन से जुड़ा कोई आर्थिक या कानूनी निर्णय केवल ऑनलाइन रिकॉर्ड देखकर नहीं लेना चाहिए। रजिस्ट्री, प्रमाणित खसरा-खतौनी, बंधक विवरण, नक्शा, वास्तविक कब्जा और राजस्व आदेश का उचित सत्यापन अवश्य कराएं।

अस्वीकरण: यह लेख 30 अगस्त 2026 तक उपलब्ध सरकारी और विश्वसनीय सार्वजनिक जानकारी के आधार पर लिखा गया है। पोर्टल की सेवाएं, शुल्क और प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकती हैं। किसी जमीन की खरीद-बिक्री या कानूनी कार्रवाई से पहले संबंधित राजस्व कार्यालय से आधिकारिक पुष्टि करें।

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